UP Politics: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने के लिए चुनावी मोड में आ गई है. सीएम योगी बैठक पर बैठक और पूरे प्रदेश में दौरा कर रहे हैं. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी अब पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश पर लगा दिए हैं. बीजेपी सबसे पहले उन 61 विधानसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां वह पिछले लगातार तीन विधानसभा चुनावों में एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है. आइए जानते हैं इस बार बीजेपी ने विजय पाने के लिए क्या रणनीति बनाई है?
राज्यसभा चुनाव 2026 में 27 सीटों पर वोटिंग होनी थी. लेकिन 24 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए. इसमें से 19 सीटें एनडीए के खाते में गई हैं. अब झारखंड की 2 और मिजोरम की एक सीट पर वोटिंग होगी.
10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटोंक के लिए 18 जून को वोट डाले जाएंगे. गुजरात और आंध्र प्रदेश में सभी 4-4 सीटों पर एनडीए की जीत तय है. जबकि मध्य प्रदेश में बीजेपी 2 सीट और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है. राजस्थान में बीजेपी के खाते में 2 सीट और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है.
गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों पर 18 जून को वोट डाले जाएंगे. सूबे में बीजेपी के पास बहुमत से ज्यादा विधायक हैं. इसलिए चारों सीटों पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है. 8 जून को नामांकन का आखिरी दिन है. लेकिन अब तक बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है.
Uttar Pradesh Assembly Elections 2027: यूपी में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. बीजेपी के बड़े नेताओं ने कहा कि नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है. उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में ही चुनाव में जाएंगे, वही हमारा चेहरा होंगे. नए मंत्री बने मनोज पांडे ने भी सीएम योगी पर विश्वास जताया.
पंजाब नगर निगम और नगर काउंसिल के नतीजे आ रहे हैं. इसमें सुनाम नगर काउंसिल के वार्ड नंबर 20 से किन्नर माही महंत ने जीत हासिल की है. माही महंत ने कहा कि लोगों ने उन्हें जिस प्यार और सम्मान के साथ जिताया है, उसका कर्ज वह कभी नहीं उतार सकतीं. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जो भी वादे उन्होंने लोगों से किए थे, उन्हें पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगी.
Legislative Council Elections in Bihar: बिहार विधान परिषद की खाली हो रही 9 सीटों और नीतीश कुमार द्वारा छोड़ी गई 1 सीट पर उपचुनाव 18 जून को होना है. चाहे बीजेपी हो, जदयू हो या आरजेडी सभी पार्टियां अपने हिस्से की सीट के जरिए सामाजिक और जातिगत समीकरण को साधना चाहती हैं. आइए जानते हैं किन नामों पर चर्चा हो रही है और किस जाति और किस पार्टी के कितने उम्मीदवार MLC बनेंगे?
Akhilesh Yadav Seat Sharing Formula: यूपी विधानसभा की 403 सीटों पर अगले साल 2027 में चुनाव होने हैं. एनडीए में शामिल पार्टियां हों या फिर महागठबंधन में शामिल दल सभी अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं. सीट शेयरिंग को लेकर सपा की शर्तों ने महागठबंधन में शामिल कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है. अखिलेश यादव ने सीटों के बंटवारे को लेकर कहा है कि बात सीट की नहीं, जीत की होनी चाहिए. अब कांग्रेस के सामने परेशानी है कि कम सीट को लेकर हां कहे तो संगठन रूठ सकता है और ना कहे तो गठबंधन टूट सकता है. कांग्रेस के सामने चुनौती यह है कि वह महागठबंधन की एकजुटता को बनाए रखते हुए उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन को कैसे बचाए?
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्ग का कोटा तय करने के लिए समर्पित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है. यह आयोग पूरी तरह समर्पित पांच सदस्यीय टीम के साथ काम करेगा. इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह को इस आयोग की कमान सौंपी गई है. उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है.
Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वाली सीट पर उपचुनाव भी होना है. आइए जानते हैं विधान परिषद चुनाव का समीकरण क्या है? नीतीश कुमार की सीट से निशांत की एंट्री हो सकती है.
पंजाब में संगरूर के सुनाम में नगर परिषद चुनाव में एक उम्मीदवार की खूब चर्चा हो रही है. इस उम्मीदवार का नाम माही महंत है. माही किन्नर समाज से आती हैं. उनके अनोखे प्रचार कर चर्चा हो रही है. माही अपने विरोधियों के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं कर रही हैं. वो सिर्फ लोगों के घर जाती हैं और आशीर्वाद दे रही हैं.